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Jammu And Kashmir CIK: काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने मंगलवार को श्रीनगर की स्पेशल NIA कोर्ट के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें गंभीर देश विरोधी गतिविधियों के आरोपी तीन भगोड़े व्यक्तियों के खिलाफ ऐलाननामा जारी किया है. यह ऐलाननामा श्रीनगर जिले और कुपवाड़ा जिले के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में किया गया. जो पुलिस स्टेशन CIK में कई धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले से जुड़ा है.

इसमें मुबीन अहमद शाह बुचवारा श्रीनगर का रहने वाला है. अजीज-उल-हसन अशई उर्फ ​​टोनी अशई डॉक वाली कॉलोनी जवाहर नगर श्रीनगर का रहने वाला है और रिफत वानी ट्रेहगाम कुपवाड़ा की रहने वाली है. CIK के अनुसार, इस मामले में सार्वजनिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालने के गंभीर अपराध शामिल हैं. जांच में पता चला कि कश्मीर के अंदर और बाहर अलगाववादी ताकतों के समर्थन से असामाजिक और देश विरोधी तत्वों द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची गई थी.

सोशल मीडिया
आरोपियों ने कथित तौर पर पत्रकार, फ्रीलांसर और न्यूज पोर्टल बनकर एक गुप्त डिजिटल युद्ध अभियान चलाया. उन्होंने फेसबुक, X और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके फर्जी, बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई.  अलगाववादी और संदर्भ से हटकर सामग्री फैलाई, जिसका मकसद सड़कों पर हिंसा भड़काना और नागरिक जीवन को बाधित करना था. इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और भारत संघ के खिलाफ अशांति फैलाना था.

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अभिव्यक्ति की आजादी
CIK ने इस बात पर जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग देश के खिलाफ हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा. एक प्रवक्ता ने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति या समूह जो पत्रकारिता या ऑनलाइन एक्टिविज्म की आड़ में गैरकानूनी, अलगाववादी या सांप्रदायिक गतिविधियों को अंजाम देगा, उसके खिलाफ तुरंत और कानूनी रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कड़ा संदेश
कोर्ट के ऐलाननामे में चेतावनी दी गई है कि अगर आरोपी तय समय के भीतर पेश नहीं होते हैं. तो कानून के अनुसार उनकी चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा. CIK ने एक कड़ा संदेश दिया है. जो लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नफरत, गलत सूचना या देश विरोधी प्रचार फैला रहे हैं, वे निगरानी में हैं, और शांति, एकता और संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. 

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