News in Brief

CJI Surya Kant: साइबर क्राइम से निपटने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं. तमाम ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं जिसके जरिए उसे इसपर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है. ये कितना ज्यादा खतरनाक है इसका जिक्र भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी किया, उन्होंने कहा इससे भारी फाइनेंशियल नुकसान हो रहा. साथ ही कहा मेरे नाम से नाइजीरिया में फर्जी सोशल मीडिया साइट्स बनाई गई और परिवार को मैसेज भेजे गए.

पेंडिंग में हैं शिकायतें
एक कार्यक्रम को बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में 66 लाख से ज्यादा साइबर फ्रॉड की शिकायतें पेंडिंग हैं, जिससे यह एक बड़ी प्रॉब्लम बन जाती है जिस पर इसके बॉर्डरलेस नेचर की वजह से ग्लोबल अटेंशन की जरूरत है. बातचीत में आगे उन्होंने बताया कि हर दूसरे दिन उन्हें पता चलता है कि उनके नाम पर एक नई साइट बनाई गई है और मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल की जाती है.

आगे कही ये बात
एक दिन मेरी बहन और मेरी बेटी को मेरे नाम पर बनाई गई साइट से एक मैसेज मिला. बाद में पता चला कि वे सभी साइटें नाइजीरिया से बनाई जा रही हैं. यह काफी ज्यादा जटिल समस्या है. उन्होंने एक बुजुर्ग दंपति की शिकायत पर स्वतः संज्ञान लिया, जिन्होंने साइबर फ्रॉड में अपनी जीवन भर की बचत खो दी थी. जिसपर कहा कि इस खतरे को देश से बाहर निकालने में न्यायपालिका जो भी भूमिका निभा सकती है, हम उसपर कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

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साइबर क्राइम पैदा करता है बाधा
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि साइबर क्राइम न्याय के लिए एक बुनियादी बाधा पैदा करता है, जिससे लोगों की गरिमा, आजीविका और पहुंच प्रभावित होती है. जब एक आम नागरिक किसी घोटाले में जीवन भर की बचत खो देता है, तो नुकसान केवल वित्तीय ही नहीं होता, बल्कि यह भावनात्मक, सामाजिक और संस्थागत भी होता है. जब एक डीप फेक वीडियो किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नष्ट करता है तो नुकसान केवल ऑनलाइन नहीं होता है. यह यह किसी की इज्जत और रोजी-रोटी से जुड़ा है.